जब विज्ञान के बारे में लोगों की जानकारियाँ न के बराबर थीं, तब उस समय हमारे ऋषि-मुनियों ने बहुत सारी वैज्ञानिक खोजें की थी। वे सभी खोजें, मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी और फायदेमंद थीं। इसलिए वे चाहते थे सभी वैज्ञानिक खोजों का लाभ आम-जनता को भी समान रूप से मिले… और…

भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) का वैज्ञानिक महत्व क्या है? हिन्दू रीती-रिवाजों का वैज्ञानिक कारण क्या है? हिन्दू धर्म सबसे अधिक वैज्ञानिक धर्म है कैसे? भारतीय परम्पराओं का वैज्ञानिक महत्व क्या है?

आज की भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) या हिंदू संस्कृति (Hindu Dharm ) लगभग 5000 साल से भी ज्यादे पुरानी सनातन संस्कृति का ही दूसरा नाम है। हिन्दू संस्कृति या सनातन संस्कृति (Sanatan Dharm) या भारतीय संस्कृति की पहचान हिन्दू धर्म के संस्कार, परम्पराएँ और उसके रीती रिवाज हैं। भारतीय संस्कृति के रीती-रिवाजों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हिन्दू धर्म के लगभग सभी रीती-रिवाजों के वैज्ञानिक कारण और वैज्ञानिक महत्व हैं।

जब विज्ञान के बारे में लोगों की जानकारियाँ न के बराबर थीं, तब उस समय हमारे ऋषि-मुनियों ने बहुत सारी वैज्ञानिक खोजें की थी। वे सभी खोजें, मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी और फायदेमंद थीं। इसलिए वे चाहते थे सभी वैज्ञानिक खोजों का लाभ आम-जनता को भी समान रूप से मिले।

इसके लिए उन्होंने रीति-रिवाजों और परम्पराओं के रूप में उन वैज्ञानिक खोजों को भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) में समाहित कर दिया। उनके ऐसा करने से जाने-अनजाने में सभी आम-जनों को भी इन वैज्ञानिक खोजों का लाभ मिलना शुरू हो गया। यह हमारे सनातन धर्म यानि कि भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) की बहुत बड़ी विशेषता है।

bhartiya sanskriti

आज की यह नई पीढ़ी हमारे भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) के रीति रिवाजों के महत्व के बारे में बिल्कुल अनजान है। वह इसे एक ढकोसला मात्र समझती है। इसमें उनका कोई भी दोष नहीं है। दरअसल आज तक उन्हें इन भारतीय रीती-रिवाजों और भारतीय-परम्पराओं के वैज्ञानिक महत्व के बारे में किसी ने नहीं बताया है।

 इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहाँ पे भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) के पुराने रीति-रिवाजों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह जानकारी आप सभी के लिए काफी ज्ञानवर्धक और महत्वपूर्ण रहेगी।

33 भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) के रीती-रिवाज और परम्पराएँ 

01. जानिए हाथ जोड़कर नमस्ते करने के 4 वैज्ञानिक फायदे

02. अपने से बड़ों को चरण स्पर्श करने का रिवाज क्यों है?

03. माथे पर तिलक लगाने के 3 फायदे जानकर आप हैरान हो जायेंगे

04.कान छिदवाना फैशन नहीं बल्कि जरूरत है

05. सिंदूर लगाने के पीछे छुपे 3 महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण आपके होश उड़ा देंगे

06. सुहागन स्त्रियां मंगलसूत्र क्यों पहनती हैं?

07. इसीलिए सुहागन औरतें पहनती हैं चूड़ियाँ

08 पायल पहनने से होते हैं सेहत को ये 4 फायदे

09. इसीलिए विवाहित स्त्रियाँ बिछिया पहनती हैं

10. हाथों में मेहंदी लगाने के चमत्कारिक फायदे

11. विवाह से पहले वर-वधु को हल्दी क्यों लगाया जाता है?

12. ऋषि-मुनियों के सिर पे चुटिया रखने के 5 वैज्ञानिक कारण

13. भोजन की शुरुआत तीखे और अंत मीठे से क्यों किया जाता है ? 

14. जमीन पर बैठकर भोजन करने से होते हैं 4 फायदे

15. दक्ष‍िण की तरफ पैर करके क्यों नहीं सोना चाहिए?

16. ये हैं सूर्य नमस्कार के 10 फायदे

17. सूर्य को अर्घ्य देने के 3 फायदे 

18.क्या आपको पता है कि व्रत या उपवास रखने के 6 फायदे होते हैं?

19. पीपल की पूजा करने के पीछे ये हैं 3 वैज्ञानिक कारण 

20. हिन्दू लोग तुलसी के पौधे की पूजा क्यों करते हैं?

21. नदी के पानी में सिक्के फेंकने के पीछे क्या लॉजिक है?

22. इसीलिए गंगा की पूजा की जाती है

23. ये है शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का असली कारण

24. क्या मूर्ति पूजा करना एक अन्धविश्वास है?

25.क्या आपको पता है मंदिर में पूजा के दिये क्यों जलाते हैं?

26. भगवान् तो हर जगह है फिर हम मंदिर क्यों जाते है?

27. जब जानेंगे इसका फायदा तब रोज बजायेंगे मंदिर में घंटा

28. पूजा में शंख क्यों बजाया जाता है?

29. हवन या यज्ञ करना क्या एक ढकोसला है?

30. गायत्री मंत्र को सर्वश्रेष्ठ क्यों माना गया है?

31. सिर्फ ताली बजाने से ठीक हो जाते हैं ये 5 रोग 

32. जनेऊ पहनने के 4 जबरदस्त फायदे

33. हिन्दुओं में गाय, गोमूत्र और गोबर इतने पवित्र क्यों हैं?

नोट:-

इन सभी को एक-एक करके पढ़ने के बाद आपको भारतीय संस्कृति (Bhartiy Sanskriti) की कुछ महत्वपूर्ण रीती-रिवाजों और परम्पराओं की वैज्ञानिकता के बारे में पता चलेगा। उम्मीद करता हूँ कि मेरा यह छोटा सा प्रयास आपके लिए उपयोगी साबित जरुर होगा।

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