पत्नी को सब कुछ बताना उचित है या अनुचित?

Husband Wife Relationship in Hindi

“Husband wife relationship in hindi” एक बहुत ही सेंसिटिव टॉपिक है। शादी के बाद इस बात को लेकर लोगों के मन में अक्सर यह उलझन हो जाती है कि बीवी को सभी बातें बतानी जरुरी हैं या नहीं? 

शादी के बाद पत्नी को सभी बातें बतानी चाहिए या नहीं, इस बारे में कुछ भी निष्कर्ष निकालने से पहले हमें एक बार दोनों पक्षों के बारे में जान लेना चाहिए। मेरे कहने का मतलब यह है कि पत्नी को सभी बातें क्यों बतानी चाहिए या फिर पत्नी को सभी बातें क्यों नहीं बतानी चाहिए, इस बारे में एक बार विस्तार से जान लेना जरुरी है। इसके बाद ही हम निष्कर्ष निकाल सकते हैं।

पत्नी को सभी बातें बतानी क्यों जरुरी है? (Husband Wife Relationship in Hindi)

भारतीय संस्कृति में विवाह एक समझौता नहीं बल्कि एक संस्कार होता है। शादी के बाद पति और पत्नी दोनों एक हो जाते हैं। शादी के सात फेरे लेने का मतलब ही यही होता है कि पति-पत्नी सुख और दुःख दोनों में एक-दूजे के साथ रहेंगे और अपनी हर बातें एक-दूजे से शेयर भी करेंगे।

वैसे भी पति-पत्नी का रिश्ता प्यार और आपसी विश्वास पर टिका होता है जिसे और भी मजबूती बनाए रखने के लिए सम्मान, पारदर्शिता, वफादारी और त्याग की जरूरत होती है।

पत्नी को सभी बातें बताने से प्यार बढ़ता है और आपसी विश्वास भी मजबूत होता है। पत्नी को लगता है कि ये मुझसे अपनी कोई भी बात नहीं छुपाते हैं। अगर भविष्य में कोई आपकी पत्नी का कान भरता है तब वह उसपर विश्वास न करके आपकी बताई हुई बात पर ही विश्वास करेगी। और पति-पत्नी के रिश्ते की नींव भी तो यही है, विश्वास।

पत्नी को सभी बातें बतानी क्यों जरुरी नहीं है?

100 परसेंट सभी बातें पत्नी को बतानी कतई जरुरी नहीं है। अगर आपकी पत्नी हाउस वाइफ है तो जाहिर सी बात है कि उसे घर के ही कामों से फुर्सत नहीं मिलती होगी। तब ऐसी स्थिति में उसे अपने काम की परेशानियाँ या दोस्तों की अनबन जैसी सभी बातें शेयर करने से उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव ही पड़ेगा।

औरतें तो वैसे भी कोमल स्वभाव की होती हैं जिनको बाहरी कार्यक्षेत्र का अनुभव न के बराबर होता है और पति की परेशानियों के बारे में जानकर वो चिंतित और व्यथित हो सकती हैं।

पत्नी अगर पति की भांति जॉब करने वाली हो तब तो आप अपनी फालतू की बातें सुनाकर उसका टेंशन बढ़ाने का ही काम करेंगे।

पत्नी को सिर्फ उतनी ही बातें बतानी चाहिए जो आपसी रिश्ते, प्यार और घर-गृहस्थी से सम्बंधित हों और जिस बात को बताने से आपके रिश्ते मजबूत हों और घर में शांति खुशहाली बरकरार रहे।

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अपने अतीत की गलतियाँ तो भूलकर भी पत्नी से शेयर नहीं करनी चाहिए। अतीत में की जाने-अनजाने में की गईं गलतियों को शेयर करने का मतलब होता है “कब्र में से गड़े मुर्दे उखाड़ना।” मुर्दे कब्र में ही अच्छे लगते हैं। मुर्दों को उनके कब्रों में ही सोने दें वर्ना बाहर निकलने पर वे आपके घर को कब्र बना देंगे। 

निष्कर्ष (Conclusion of Husband Wife Relationship in Hindi)

पत्नी को सभी बातें बाताना इस बात पर निर्भर करता है कि वह कितनी समझदार और संवेदनशील है। 

अगर वह समझदार और संवेदनशील है तब आप उससे अपने कार्यक्षेत्र की परेशानियाँ, दोस्तों से अनबन इत्यादि जैसी कोई भी बातें शेयर कर सकते हैं। उससे भी विवाह पूर्व के संबंधों के बारे में न बतलाना ही सही रहेगा।

अगर वह असवेन्दंशील है तब उससे सिर्फ वही बातें शेयर करनी चाहिए जो घर-गृहस्थी के लिए जरूरी लगे। 

इतना सब कुछ जानने समझने के बाद भी अगर किसी को अपने विवाह पूर्व के संबंधों को बताने की खुजली हो रही हो तो वह अपनी पत्नी को सभी बातें बताकर अपनी खुजली मिटा सकता है।

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