सूर्य को अर्घ्य क्यों देते हैं

ताम्बे के लोटे या मिट्टी के पात्र में  जल लेकर सुबह के समय सूर्य की ओर देखते हुए अपनी दोनों आँखों के सामने से पानी की धार को धीरे-धीरे  गिराने की प्रक्रिया को सूर्य को अर्घ्य देना या सूर्य को जल चढ़ाना कहते हैं।
सूर्य को अर्घ्य हमेशा सुबह के 8 बजे से पहले ही देना चाहिए। सूर्य को अर्घ्य देने से पहले नीति क्रिया से निवृत हो स्नान करने के पश्चात् ही सूर्य जो अर्घ्य देना चाहिए…Continue Reading

सूर्य नमस्कार के फायदे

सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ सूर्य को नमस्कार करना है। यह एक योग आसन है, जो 12 योग आसनों का एक संयुक्त रूप है। यह एक सर्वोत्तम कार्डियो वैस्कुलर व्यायाम   है जिसको नियमित रूप से करने से शरीर बलिष्ठ और मजबूत बनता है।

सूर्य नमस्कार के प्रत्येक चरण में 12 आसनों के दो क्रम होते हैं। सूर्य नमस्कार अपने आप में एक पूर्ण यौगिक व्यायाम  है। यह भारतीय संस्कृति का सर्वोत्तम योग पद्धति है….Continue Reading

दक्ष‍िण दिशा में पैर करके सोना

हिन्दू संस्कृति में दक्षिण की ओर पैर करके सोने को अपशगुन माना गया है। जब हम बचपन के दिनों में सोते थे तब घर के बड़े-बूढ़े दक्षिण दिशा में  पैर करके सोने से मना करते थे।
नींद का हमारे स्वास्थ्य से गहरा सम्बन्ध होता है। गहरी नींद अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है….Continue Reading

जमीन पर बैठकर भोजन करने के फायदे

भारतीय संस्कृति में जमीन पर बैठकर या पलती मारकर भोजन करने को अच्छा माना गया है। ये ऐसे ही नहीं है बल्कि इसके अपने वैज्ञानिक कारण भी हैं।
आजकल हमारा समाज पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित होकर टेबल कुर्सी पर बैठकर या फिर बफर सिस्टम में खड़े होकर भोजन करना पसंद करता है। यह भोजन करने का बिलकुल ही गलत तरीका है और गलत तरीके से भोजन करने पर पाचन क्रिया अनियंत्रित होती है।Continue Reading