गौ माता : हिंदू क्यों मानते हैं गाय को अपनी माता

गौ माता

जानें, हिन्दू गाय को अपनी माता यानि कि “गौ माता” क्यों मानते हैं? गाय की पवित्रता का वैज्ञानिक कारण क्या है?

हिन्दू गाय को “गौ माता” क्यों कहते हैं?

हिन्दू संस्कृति के अनुसार गाय में 33 कोटि देवताओं का वास होता है। हिन्दुओं के लिए गाय सबसे पवित्र जीव है। मानव जीवन के लिए असीमित उपयोगिताओं की वजह से ही हिन्दू मान्यताओं में गाय को “माँ” का दर्जा प्राप्त है।

गाय, गोबर और गोमूत्र के बहुत सारे वैज्ञानिक महत्व हैं जिसकी वजह से इन्हें शुद्ध और पवित्र माना गया है।

गाय, गोबर और गोमूत्र का वैज्ञानिक महत्व क्या है?

1. मेलबर्न में गर्भवती गायों पर किए गए शोध से यह पता चला है कि गाय के दूध से ऐसा क्रीम बनाया जा सकता है जो एड्स की रोकथाम में कारगर है।

2. गाय के दूध में वे सभी तत्व पाए जाते हैं जो हमारे सर्वांगिण विकाश के लिए जरुरी होता है।

3. आयुर्वेद के अनुसार  गोमूत्र में जड़ी-बूटियों वाले औषधीय तत्व पाए जाते हैं। गोमूत्र का सेवन करने से हृदय संबंधी रोग, जोड़ों के दर्द, संक्रामक रोग, श्वसन सम्बन्धी रोग, गुर्दे की प्रॉब्लम इत्यादि में लाभदायक होता है।

4. गोमूत्र एक जैविक टोनिक के सामान होता है। गोमूत्र अन्य औषधियों की क्षमताओं को बढ़ाता है।

5. गोमूत्र पीने से कैंसर पैदा करने वाले तत्वों के नियंत्रण में मदद मिलती है। 

6. गोमूत्र में एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। गोमूत्र और गोबर का फसलों पे छिड़काव करने से फसलों की पैदावार बढ़ जाति है। है

7. कृषि में रासायनिक खाद की जगह पे गाय के गोबर की खाद उपयोग करने से जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ती।

8. गाय के गोबर से घर की कच्ची जमीन का लेप करने से घरों में कीटाणुओं, सूक्ष्म परजीवियों और मच्छरों के हमले कम होते हैं। ऎसी मान्यता है कि गाय के गोबर के उपले को जलाने पर उससे निकलने वाले धुंए से कीटाणु और मच्छर दूर भाग जाते हैं।

गाय के इन्हीं सब असीमित उपयोगिताओं की वजह से हिन्दू धर्म में गाय को गो माता” कहकर पुकारा जाता है।

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