हिन्दू धर्म में लगभग सभी स्त्रियाँ और कुवारी लड़कियां शादी-विवाह, तीज-त्यौवहार या फिर किसी अन्य शुभ अवसर पर अपने हाथों और पैरों में मेंहदी लगती हैं।
भारतीय परम्परा और संस्कृति में सुहागन स्त्रियों द्वारा मेंहदी लगाने को उनके सोलह श्रृंगारों में गिना जाता है। हाथों और पैरों में मेंहदी सिर्फ सुन्दरता बढ़ाने के लिए ही नहीं लगाया जाता है बल्कि इसका अपना धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी है….

“Mehadi lagana” kyon jaruri hai Bhartiy striyon ko? Hatho me “mehndi lagane ke fayde” kya hain? हिन्दू औरतें हाथों में मेहदी क्यों लगाती हैं?

हिन्दू धर्म में लगभग सभी स्त्रियाँ और कुवारी लड़कियां शादी-विवाह, तीज-त्यौवहार या फिर किसी अन्य शुभ अवसर पर अपने हाथों और पैरों में मेंहदी लगती हैं।

हाथों और पैरों में मेंहदी सिर्फ सुन्दरता बढ़ाने के लिए ही नहीं लगाया जाता है बल्कि इसका अपना धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी है। यहाँ पर हम जानेंगे कि हिन्दू धर्म में मेहंदी लगाने को क्यों इतना महत्व दिया गया है।

Mehadi lagana क्यों जरुरी है हिन्दू औरतों को? 

भारतीय परम्परा और संस्कृति में सुहागन स्त्रियों द्वारा मेंहदी लगाने को उनके सोलह श्रृंगारों में गिना जाता है।

हिन्दू संस्कृति में विवाह के समय दूल्हा-दुल्हन के हाथों में मेंहदी लगाने का प्रावधान है। मेंहदी नव-विवाहित पति-पत्नी के प्रगाढ़ प्रेम और उनके खुशहाल जीवन के प्रतिक के रूप में मानी है।

इसके अलावा किसी तीज-त्यौवहार पर कुंवारी लड़कियों और विवाहित स्त्रियों द्वारा मेंहदी लगाने को उनके सुखी, खुशहाल और समृद्ध जीवन की निशानी का प्रतिक माना गया है।

हाथो में Mehndi lagane ke fayde-

प्राचीन समय से ही मेंहदी को एक औषधि के रूप में स्वीकार किया गया है। ऐसा इसलिए भी कि मेंहदी में बहुत सारे औषधीय गुण होते हीन जो कि स्वास्थ्य की दृष्टी से लाभदायक होते हैं। मेंहदी एक जड़ी-बूटी भी है और इसीलिए मेहंदी लगाने के फायदे (mehndi lagane ke fayde) भी बहुत हैं।

मेंहदी को शीतलता शीतलता का प्रतिक माना गया है। मेंहदी के इसी औषधीय गुण के कारण इसे मानसिक तनाव, सर दर्द और बुखार के समय लगाना स्वास्थ्य की दृष्टी से हितकर माना गया है। मेंहदी लगाने से शरीर की जलन और गर्मी में राहत मिलती है।

मेंहदी लगाने से शारीर अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। खासतौर पर वह नस ठंढी रहती है जिसका सीधा संपर्क हमारे दिमाग से होता है। फलस्वरूप हमारा दिमाग तनाव मुक्त होता है।

मेहदी के अन्य औषधीय फायदे और महत्व-

1.  खून साफ़ करना : मेहंदी के ताजे पत्तों को रात भर साफ़ पानी में भींगोकर रखने के बाद सुबह में उस पानी को छानकर पीने से रक्त में उपस्थित विषैले तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं। इस पानी के सेवन से शरीर की गर्मी भी दूर भगती है और शरीर को शीतलता की अनुभूति होती है।

2.  शरीर की गर्मी नियंत्रित करना : मेहंदी का तासीर ठंढा होता है। मेहंदी के पत्तों का लेप, हथेली और पैर के तलवों पर लगाने से शरीर की बढ़ी हुई गर्मी कम हो जाती है और शरीर को शीतलता का अनुभव होता है।

3.  बालों को घना और चमकदार बनाना : मेहंदी के पत्तों को पीसकर उसमें आंवला पाउडर, मेथी पाउडर और दही के साथ मिक्स करके बालों में लगाने से, बाल घने, मजबूत और चमकीले होते हैं। 

4.  सिरदर्द और माइग्रेन ठीक करना : मेहंदी के पत्तों को को पीसकर उसका लेप सिर में लगाने से सिरदर्द ठीक हो जाता है।

5.  जोड़ों का दर्द दूर करना : बराबर-बराबर मात्रा में मेहंदी और अरंडी के पत्तों को  को पीसकर, घुटनों पर उसका लेप लगाने से घुटनों का दर्द छू मंतर हो जाता है।

6.  जली त्वचा को ठीक करना : मेहंदी के पत्ते या छल को पीसकर शरीर के जले हुए स्थान पर लगाने से घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

नोट-

इसे पढ़ने के बाद हमें पता चलता है कि हिन्दू महिलाओं का हाथों में मेहंदी लगाना (mehadi lagana) सिर्फ सौन्दर्य के ही लिए नहीं बल्कि इसके औषधीय गुणों के चलते भी महत्वपूर्ण होता है। वैसे भी mehandi lagane ke fayde भी बहुत हैं।

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