दक्ष‍िण दिशा में पैर करके क्यों नहीं सोना चाहिए?

दक्ष‍िण दिशा में पैर करके सोना

हमें किस दिशा में सिर करके सोना चाहिए? सोने का सही तरीका क्या है? दक्ष‍िण दिशा में पैर करके क्यों नहीं सोना चाहिए? हमें कैसे सोना चाहिए?

हिन्दू संस्कृति में दक्षिण की ओर पैर करके सोने को अपशगुन माना गया है। जब हम बचपन के दिनों में सोते थे तब घर के बड़े-बूढ़े दक्षिण दिशा में  पैर करके सोने से मना करते थे।

जब हम इसका कारण पूछते थे तब वे बतलाते थे कि दक्षिण की ओर पैर करके सोने पर रात सपने में भुत-प्रेत आते हैं और पकड़कर ले जाते हैं। तब हम डरकर दक्षिण या फिर पूर्व की तरफ सिर करके सो जाते थे।

दक्षिण की तरफ पैर या फिर उत्तर की तरफ सिर करके सोने के पीछे भले ही भुत-प्रेत का डर दिखाया जाता है, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण छुपे हुए हैं।

शास्त्रों के अनुसार दक्षिण दिशा में पैर करके कभी नहीं सोने चाहिए। दुसरे शब्दों में कहें तो उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। पूर्व दिशा में सिर करके सोने को उत्तम और स्वास्थ्य प्रद बतलाया गया है।

दक्ष‍िण दिशा में पैर करके क्यों नहीं सोना चाहिए? | उत्तर दिशा में सिर करके क्यों नहीं सोना चाहिए?

नींद का हमारे स्वास्थ्य से गहरा सम्बन्ध होता है। गहरी नींद अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है।

हमारा दिल शरीर से तीन-चौथाई ऊपर की ओर स्थित है। जो रक्त नलिकाएं दिल से निकलकर सिर की तरफ जाती हैं, वे पैरों की तरफ जाने वाली रक्त नलिकाओं की अपेक्षा संवेदनशील और सूक्ष्म होती हैं। दिमाग की तरफ जाने वाली रक्त नलिकाएं इतनी पतली होती हैं कि रक्त की एक बूंद भी फालतू नहीं ले सकतीं। रक्त की एक फालतू बूंद भी दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

उत्तर की ओर सिर और दक्षिण की ओर पैर करके सोने पर हमारा शरीर पृथ्वी के चुम्बकीय तरंगो के बिलकुल सीध में आ जाता है। जिसके फलस्वरूप हमारे शरीर का रक्त प्रवाह दिमाग की तरफ ज्यादा होने लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रक्त में लोहे की मात्रा होती है और लोहा फेरो मैग्नेटिक होता है। 

अगर उत्तर दिशा में सिर रखकर पांच-छह घंटे तक सोते हैं, तो पृथ्वी की चुंबकीय तरंगें हमारे दिमाग पर दबाव डालेंगी। इससे आप उत्तेजित या परेशान होकर नींद के बीच में ही जाग सकते हैं। अगर आप रोज उत्तर दिशा में सिर करके सोते हैं तब तो आप बहुत सारी दीमागी परेशानियों को दावत दे रहे हैं।

उत्तर की तरफ सिर करके सोने से अलजाइमर, परकिंसन, उच्च रक्तचाप और दिमाग संबंधी बीमारी होने का रिस्क बढ़ जाता है। इससे मानसिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं।

हिन्दू ग्रंथों में इसलिए कहा गया है कि उत्तर दिशा में सिर करके नहीं सोना चाहिए। 

पूर्व कि ओर सिर करके क्यों सोना चाहिए?

सोते समय पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोने को सही और विज्ञान सम्मत माना गया है। पूर्व की ओर सिर करके सोने से सुखद नींद आती है। पूर्व सबसे अच्छी दिशा है।

निष्कर्ष :-

हमें हमेशा पूर्व दिशा में सिर करके सोना चाहिए। दक्षिण दिशा में भी सिर करके सोना दुसरे स्थान पर आता है लेकिन उत्तर दिशा में सिर करके सोना या दक्ष‍िण दिशा में पैर करके सोना, बिलकुल वर्जित है।

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