सिर्फ ताली बजाने से ठीक हो जाते हैं ये 5 रोग | ताली बजाने के फायदे

ताली बजाने के फायदे

“ताली बजाने के क्या फायदे” हैं? हिन्दू संस्कृति में आरती के समय ताली क्यों बजाई जाती है?

हिन्दू संस्कृति में धार्मिक स्तुति या आरती के समय ताली बजाने की परम्परा है। वैसे व्यावहारिक जिंदगी में हम किसी की जोश-अफजाई करने के लिए भी ताली बजाते हैं।

आपको यह जानकर आश्चर्य हो सकता है कि ताली बजाने से सिर्फ खुशी ही जाहिर नहीं होती है, बल्कि यह हमारी सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक होती है।

प्राचीन समय में हमारे ऋषि-मुनियों को ताली बजाने के स्वास्थ्य सम्बंधित लाभों के बारे में पहले से ही पता था। इसीलिए उन लोगों ने धार्मिक स्तुति या आरती के समय ताली बजाने की परम्परा की शुरुआत की थी।

हमारी हथेलियों में कुल 29 एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं। इन एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पे दबाव पड़ने से उस पॉइंट्स से सम्बंधित अंगों में रक्त प्रवाह तेज हो जाता है। फलस्वरूप इन पॉइंट्स से जुड़े अंगों को फायदा होता है।

एक्यूप्रेशर के नियमानुसार इन पॉइंट्स पर सही दबाव डालने का सबसे सरल और आसन तरीका है “दोनों हाथों से जोर-जोर ताली बजाना।” इन एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर सही दबाव तभी पड़ता है जब जोर-जोर से ताली बजाते हुए दोनों हथेलियाँ लाल हो जाएं और हमारा शरीर पसीने से तर-बतर हो जाए। 

ताली बजाने के फायदे क्या हैं?

1. ताली बजाने से रक्त में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है। इसके फलस्वरूप हमारा ब्लड प्रेशर नार्मल होता है।

2. नियमित ताली बजाने से खून में स्वेट-रक्त-कणों (WBC) की संख्या बढ़ती है, जसके फलस्वरूप हमारे बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ती है।

3. ताली बजाने से रक्त-प्रवाह तेज होता है, जिसके फलस्वरूप फेफड़ों में ज्यादा ऑक्सीजन पहुँचता है और अस्थमा सम्बन्धी बीमारी होने का खतरा कम होता है।

4. ताली बजाने से आँख, कान, कंधे, रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिसके फलस्वरूप आँखों की कमजोरी, अनिद्रा, जुकाम, बालों का झाड़ना और पुराने सिर दर्द जैसी समस्या दूर होती है।

5. जोर-जोर से ताली बजाने से मांसपेशियों का एक्सरसाइज होता है जिसके फलस्वरूप शरीर में उर्जा का संचार होता है।

“ताली बजाने के फायदे” जानने के बाद ही इसे ऋषियों ने हिन्दू पूजा पद्धति में सम्मिलित किया है।

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