ये हैं व्रत या उपवास रखने के 6 फायदे  | व्रत क्यों रखते है?

उपवास रखने के फायदे

व्रत क्यों रखा जाता है? हिन्दू संस्कृति में वर्णित व्रत और उपवास में क्या अंतर है? उपवास रखने के फायदे क्या हैं?

हिन्दू रीती-रिवाजों में व्रत या उपवास रखने को ईश्वर या भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्त‍ि समझा जाता है। ऐसा माना जाता है कि व्रत या उपवास रखने से ईश्वर की कृपादृष्टि बनी रहती है। व्रत और उपवास हिंदू धर्म के प्राण हैं।

लेकिन हिन्दू मान्यताओं में जितने भी रीती-रिवाज हैं उन सभी का धार्मिकता के साथ-साथ अपना अलग-अलग वैज्ञानिक महत्व भी होता है। यह अलग बात है कि जानकारी न होने की वजह से हम उसके सिर्फ धार्मिक पहलु को ही मानकर व्रत या उपवास रखते हैं। व्रत या उपवास रखने के बहुत सारे वैज्ञानिक फायदे हैं।

सावधानी के तौर पर व्रत रखने के दौरान शरीर के लिए जरुरी पोषक तत्व से भरपूर हल्का आहार लेना जरुरी होता है, जैसे फल, जूस इत्यादि। ऐसा नहीं करने पर व्रत या उपवास रखना हमारे स्वास्थ्य के लिए तकलीफदेह हो सकता है। व्रत के दौरान फैटी चीजों को खाने से बचना चाहिए वरना व्रत रखने का कोई फायदा नहीं होगा।

व्रत और उपवास में क्या अंतर है?

 व्रत में भोजन करना होता है जबकि उपवास में निराहार रहना होता है। 

व्रत का मतलब है प्रण करना  जबकि उपवास का मतलब है भोजन का त्याग।

और व्रत आत्मशुद्धि के लिए होता है जबकि उपवास शारीरिक शुद्धि के लिए।

व्रत या उपवास रखने के क्या फायदे हैं?

1. व्रत या उपवास रखने के दरमियान शरीर में जमा अनावश्यक चर्बी (फैट) तेजी से गलती है, जिसके फलस्वरूप मोटापा जैसी स्थिति नहीं होती।

2. यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं के मुताबिक कैंसर के उन मरीजों के लिए उपवास करना फायदेमंद होता है जो कीमोथेरेपी ले रहे हों।

3. उपवास करने से नई प्रतिरोधक कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिसके फलस्वरूप हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। फलस्वरूप व्रत या उपवास रखने से हृदय संबंधी रोग और मधुमेह इत्यादि जैसे रोग होने का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।

4. नए शोधों में यह बात सामने आई है कि कुछ समय के लिए व्रत या उपवास रखने से शरीर का मेटाबोलिज्म 3 से 14 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसके फलस्वरूप पाचन क्रिया बेहतर होती है।

5. उपवास के दौरान मेटाबोलिक रेट बढ़ने की वजह से शरीर की अंदरूनी गन्दगी भी साफ़ होती है। यानि कि विषैले पदार्थ शरीर से बाहर होते है और हमारा शरीर डीटॉक्स होता है। उपवास के दौरान फलाहार लेने से भी हमारे शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है।

6. व्रत या उपवास रखने से मस्तिष्क स्वस्थ और क्रियाशील होता है। व्रत करने से अवसाद, तनाव और मस्तिष्क की अन्य दूसरी समस्याओं से निजात मिलती है।

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