हिन्दू संस्कृति में मंगलसुत्र को शादीशुदा औरतों के सुहाग का प्रतिक माना गया है। एक सुहागन स्त्री की नजर में उसका मंगलसूत्र सभी आभूषणों में सर्वश्रेष्ठ होता है।
मंगलसूत्र को बनाते वक्त पीले धागे में सोने और काले मोतियों को पिरोने के बाद धागे को तीन गांठ देकर बाँधा जाता है। मंगलसूत्र के ये तीन गांठ विवाहित जीवन के तीन मुख्य बातों के प्रतिक स्वरुप होती हैं…

भारतीय संस्कृति में क्यों पहनती है सुहागन महिलाएं मंगलसूत्र? हिन्दू धर्म में मंगलसूत्र का महत्व क्या है? शादी के बाद भारतीय औरतें मंगलसूत्र क्यों पहनती हैं?

मंगलसूत्र में मुख्य रूप से पीले धागे, काले मोती और स्वर्ण का खास महत्व होता है। मंगल और सूत्र इन दो शब्दों से मिलकर मंगलसुत्र बना होता है जिसका अर्थ होता है पवित्र हार। 

हिन्दू संस्कृति में मंगलसुत्र को शादीशुदा औरतों के सुहाग का प्रतिक माना गया है। विवाह के समय दूल्हा अपनी दुल्हन के गले में मंगलसूत्र पहनाता है। उसके बाद से वह विवाहित स्त्री आजीवन उस मंगलसूत्र को धारण करती है। एक सुहागन स्त्री की नजर में उसका मंगलसूत्र सभी आभूषणों में सर्वश्रेष्ठ होता है। वह उसके सौभाग्यवती होने का सर्वोच्च श्रृंगार होता है।

मंगलसूत्र का धार्मिक महत्व 

मंगलसूत्र को बनाते वक्त पीले धागे में सोने और काले मोतियों को पिरोने के बाद धागे को तीन गांठ देकर बाँधा जाता है। मंगलसूत्र के ये तीन गांठ विवाहित जीवन के तीन मुख्य बातों के प्रतिक स्वरुप होती हैं।

पहली गाँठ पति के प्रति पत्नी के प्यार और आज्ञापालन को दर्शाती है। दूसरी गांठ माता-पिता के प्रति प्यार और आज्ञापालन को दर्शाती है। तीसरी गांठ ईश्वर के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

ज्योतिष के अनुसार, काला मोती पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते को लोगों की बुरी नजर से बचाता है।

मंगलसूत्र का वैज्ञानिक महत्व 

1.  मंगलसूत्र स्वर्ण से बना होता है। विज्ञान भी इस बात से सम्मत है, कि स्वर्ण शरीर में उर्जा बढ़ाने वाली धातु है। मंगलसूत्र में स्थित स्वर्ण स्त्री के शरीर के उर्जा को क्षय होने से रोकता है और उसके उर्जा प्रवाह को नियंत्रित करता है। मंगलसूत्र धारण करने से स्त्री की शारीरिक उर्जा बरकरार रहती है जिसके फलस्वरूप उसकी खूबसूरती में निखर आता है।

2.  विज्ञान के अनुसार मंगलसूत्र का स्पर्श अगर स्त्री की छाती से होता है तब वह स्त्री के शरीर का रक्त-प्रवाह को नियंत्रित रखता है। फलस्वरूप ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रहने में मदद मिलती है। बस ध्यान रहे कि मंगलसूत्र कपड़ों के उपर नहीं बल्कि छाती से सटा हुआ रहे।

नोट:-

भारतीय संस्कृति में एक विवाहित स्त्री द्वारा पहना जाने वाला मंगलसूत्र सिर्फ उसके सौन्दर्य को ही नहीं बढ़ाता है, बल्कि उसके वैज्ञानिक कारण भी हैं। एक विवाहत औरत की नजर में उसके मंगलसूत्र का महत्व अनमोल होता है।

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