जनता पर टैक्स लगाना किसी भी सरकार की आय का एक स्रोत होता है। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी सम्राट हुए जिन्होंने सामान्य टैक्स से हटकर कुछ अजीबोगरीब टैक्स लगाए गए थे।
किसी ने आत्मा पर टैक्स लगाया था तो किसी ने घरों में खिड़की रखने पर। किसी ने कुंवारा होने पर टैक्स लगाया तो किसी ने गैर मुस्लिम यानि कि हिन्दू होने पर।

Here we will talk aboy jazya / jaziya tax / jajiya tax / jajiya kar inclunding many more stupid and nonsense taxes like आत्मा टैक्स, खिड़की टैक्स, बैचलर टैक्स etc. applied by funatic rulers in India and defferent parts of the world. 

इस दुनिया में सनकी और निरंकुश शासक हमेशा से होते आए हैं। इन सनकी शासकों ने अपनी प्रजा पर तरह-तरह के विचित्र और स्टुपिड टैक्स लगा कर अपनी प्रजा का जीना हराम कर रखा था।

जनता पर टैक्स लगाना किसी भी सरकार की आय का एक स्रोत होता है। इन टैक्स के रुपयों का इस्तेमाल सरकार लोगों की बुनियादी जरूरतों और देश के विकाश में लगाती हैं।

लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी सम्राट हुए जिन्होंने सामान्य टैक्स से हटकर कुछ अजीबोगरीब टैक्स लगाए गए थे। आइए ऐसे ही कुछ अजब-गजब टैक्स के बारे में जानकारी लेकर अपना जीवन धन्य करें।

1. जजिया / Jazya / Jaziya tax / Jajiya tax / Jajiya kar

सबसे पहले हम जज़िया (jaziya tax / jajiya tax / jajiya kar) के बारे में बात करेंगे तत्पश्चात अन्य nonsense and stupid tax के बारे में।

जजिया (jazya /jaziya tax / jajiya tax / jajiya kar) एक ऐसा टैक्स था जो निरंकुश मुस्लिम शासकों द्वारा हिन्दुओं पर लगाया गया था। निरंकुश मुस्लिम शासकों द्वारा हिन्दुओं पर जजिया लगाने का मुख्य उदेश्य यह होता था की इस टैक्स के दबाव में आकर हिन्दू लोग अपने धर्म का त्याग कर मुस्लिम धर्म स्वीकार कर लें।   

जो लोग अपने हिन्दू धर्म का त्याग कर मुस्लिम धर्म को स्वीकार कर लेते थे उन्हें जजिया देने से मुक्त कर दिया जाता था।

भारत में सर्वप्रथम मुहम्मद बिन कासिम ने हिन्दुओं पर जजिया  (jazya /jaziya tax / jajiya tax / jajiya kar) लगाया था।

फिर मुगल बादशाहों ने भी जजिया लगाया था। औरंगजेब ने जजिया के बहाने हिन्दुओं पर बहुत अत्याचार किया था।

भारत में जजिया को खतम करने का श्रेय  1720 ईo में मुहम्मद शाह रंगीला को जाता है जिसने जयसिंह के अनुरोध पर जजिया (jazya /jaziya tax / jajiya tax / jajiya kar) कर को सदा के लिए समाप्त कर दिया था।

अकबर ने तो कुछ वर्षों के लिए जजिया हटाकर इसे फिर से लागु कर दिया था लेकिन उसके कुछ वर्षों के बाद इसे फिर से हटा दिया था।

2.  आत्मा पर टैक्स / Soul tax

रूस के निरंकुश शासक पीटर द ग्रेट ने तो सन 1718 में आत्मा पर टैक्स लगा दिया था। यह stupid tax उन लोगों को देना पड़ता था जिन लोगों को आत्मा के अस्तित्व पर भरोसा होता था। यानि कि जिन लोगों को आत्मा नामक किसी चीज पर भरोसा नहीं होता था वैसे लोग इस आत्मा नामक टैक्स को देने से बच जाते थे। यह टैक्स चर्च और रसूखदार लोगों को नहीं देना होता था।

पीटर द ग्रेट ने आत्मा पर टैक्स लगाने से पहले सन 1698 में दाढ़ी रखने पर टैक्स लगाया था। यह टैक्स उन लोगों को देना पड़ता था जो लोग दाढ़ी रखने के शौक़ीन होते थे। उस समय दाढ़ी टैक्स देने वालों को एक टोकन मिलता था जिसे हर समय उन लोगों को अपने साथ रखना होता था।

3.  दाढ़ी पर टैक्स / Beard tax

इंग्लैंड के शासक सम्राट हेनरी अष्टम ने सन 1535 में दाढ़ी पर बियर्ड टैक्स लगाया था जबकि वह खुद दाढ़ी रखते थे। 2 हफ़्तों से ज्यादा दिन तक शेव नहीं बनाने पर दाढ़ी पर टैक्स वसूला जाता था।

बियर्ड टैक्स वसूली के वक़्त पर अगर वह व्यक्ति अपने घर से गायब पाया जाता था तब उसका यह टैक्स उसके पड़ोसी को भरना पड़ता था। ऐसा इसलिए कि वसूली के समय उस व्यक्ति का पड़ोसी उसपर नजर रख सके और उसे घर से बाहर न जाने दे।

4.  खिड़की पर टैक्स / Window tax

इंग्लॅण्ड और वेल्स के राजा विलियम तृतीय ने 1696 में घरों में खिड़की रखने पर विंडो टैक्स लगा दिया था। राजा ने अपने खाली खजाने को भरने के लिए खिड़की रखने पर भी टैक्स देने का कानून लागु किया था।

जिस किसी के घर में जितनी ज्यादे खिड़कियाँ होती थीं उसे उतना ज्यादा टैक्स देना होता था। इसके बाद तो लोगों ने अपने घरों में खिड़कियाँ रखनी बंद कर दीं या फिर खिडकियों की संख्या बहुत कम कर दी थीं।

5.  कुंवारा होने पर टैक्स / Bachelor tax

रोम के सम्राट ऑगस्टस  ने 9 वीं सताब्दी में कुंवारे लोगों पर बैचलर टैक्स लगाया था। यह टैक्स कुंवारे लोगों को जल्द से जल्द शादी करके देश की जनसंख्या बढ़ाने के उद्देश्य से लगाया गया था। ऑगस्टस का यह बैचलर टैक्स उन शादीशुदा लोगों पर भी लागु होता था जिनके बच्चे नहीं होते थे। इस बैचलर टैक्स के दायरे में 20 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के लोग आते थे।

अमेरिका भी इससे अछूता नहीं रहा है। अमेरिका के मिसूरी स्टेट में 20 दिसंबर, 1821 को बैचलर टैक्स लगाया गया था। वहां सभी कुंवारे लोगों को 1 डॉलर बैचलर टैक्स केरूप में सरकार के खजाने में जमा कराने पड़ते थे। इस टैक्स का मुख्य कारण वहां के लोगों को शादी के लिए प्रेरित करना था।

इटली के तानाशाह मुसोलिनी ने भी 1924 में बैचलर टैक्स लगाया था। उसने 21 से 50 वर्ष की आयु वाले लोगों पर यह टैक्स लगाया था।

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नोट :-  जजिया (jazya /jaziya tax / jajiya tax / jajiya kar), आत्मा पर टैक्स (soul tax), दाढ़ी पर टैक्स (beard tax), खिड़की पर टैक्स (window tax) और कुंवारा टैक्स (Bachelor tax) में सबसे nonsense और stupid tax कौन सा लगा ?

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