कुलधरा भुतिया गाँव के अनसुलझे रहस्य | Kuldhara village story

haunted village ghost story in hindi

Kuldhara village ka rahasy kya hai? Tell me Kuldhara village ghost story in Hindi? What is the secret of kuldhara haunted village? What is about Kuldhara Rajsthan? Now we will try to find out answers of all these questions regarding Kul dhara.

इतिहास के पन्नो में बहुत से ऐसे राज दफन हैं जिनके रहस्य से आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है। कुछ राज तो इतने गहरे हैं कि सदियां बीत जाने के बाद भी उनसे पर्दा नहीं उठ पाया है। जितना ही उन्हें सुलझाने की कोशिश की जाए वो उतने ही उलझते चले जाते हैं। आज हम राजस्थान के एक ऐसे ही भुतिया गाँव कुलधरा (kuldhara haunted village / Kuldhara Rajsthan) के अनसुलझे रहस्यों के बारे में जानेंगे।

क्या है कुलधरा गाँव का रहस्य | Secrets of Kuldhara haunted village

kuldhara village

कुलधरा गाँव (Kuldhara Village), जो कि काफी संपन्न और खुशहाल था, वहां के सभी लोग रातों रात गाँव को खाली करके कहीं चले गए थे। वो सभी कहाँ चले गए या यूँ कहें कि वे सभी रातों रात कहाँ गायब हो गए, यह आज भी एक रहस्य है। यह घटना एक अनसुलझा रहस्य बनकर रह गई है। लेकिन इससे भी बड़ा अनसुलझा रहस्य है इस कुलधरा गाँव (Kuldhara Village) का वह श्राप जिसकी वजह से राजस्थान का यह गाँव Kuldhara haunted village (कुलधरा भुतिया गाँव) के रूप में प्रसिद्ध है।

कहते हैं कि जाते-जाते कुलधरा गाँव के लोग इस गाँव को श्राप दिए थे कि जो भी इस गाँव में बसने की कोशिश करेगा वह बरबाद हो जायेगा। उनके श्राप के कारण कुलधरा गाँव कभी नहीं बस पाया। कुलधरा आज भी सुनसान और वीरान है।

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उसके बाद से ही कुलधरा गाँव (Kuldhara haunted village) में जो भी रहने गया वह बरबाद हो गया। फिर तो किसी की हिम्मत ही नहीं हुई वहां बसने की। कुलधरा गाँव आज एक खँडहर बन चूका है। कुलधरा गाँव की सुनसान गलियाँ बहुत डरावनी एहसास कराती हैं। आज भी दिन के उजाले में कोई वहां घुमने-फिरने तो चला जाता है लेकिन रात के अँधेरे में ठहरने की हिम्मत किसी की भी नहीं होती।  

कुलधरा गाँव के भुतिया होने के संकेत | kuldhara village ghost story in Hindi

history of kuldhara gaon

 

आज की तारीख में कुलधरा गाँव बिलकुल ही उजड़ चूका है लेकिन अपने इस श्रापित इतिहास के कारण एक पर्यटक स्थल के तौर पे अपना स्थान बना चूका है। कुलधरा गाँव (Kul dhara) घुमने जाने वाले सभी लोग सिर्फ दिन के उजाले में ही वहां घुमने जाते हैं। रात के अँधेरे में वहां कोई भी नहीं जा सकता है।

कुलधरा गाँव घुमने वाले पर्यटक अपना अलग-अलग अनुभव बताते हैं। किसी को वहां पायल बजने की आवाज का अहसास होता है तो किसी को चूड़ियों के खनकने की आवाज का एहसास। किसी को औरतों के खिलखिलाने और सिसकने की आवाज सुनाई देती है तो किसी को ऐसा महसूस होता है जैसे कोई अभी-अभी बगल से गुजर गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुलधरा गाँव के बारे में इस श्राप वाली बात को एक अंधविश्वास मानकर कुछ लोग रात में वहां ठहरे भी। लेकिन जो भी रात में वहां ठहरा अगले दिन सुबह में उसका कोई भी अता-पता नहीं चला। उनका क्या हुआ और वो कहाँ गायब हो गए, कोई नहीं जानता।

कुलधरा गाँव जानेवाले बताते हैं कि इस गाँव में कुछ तो विचित्र है क्योंकि वहां की गलियों से गुजरने में जिस तरह का अजीब और डरावना एहसास होता है, वैसा एहसास और कहीं नहीं होता। कुलधरा गाँव सचमुच में एक भुतिया और श्रापित गाँव है।

क्या है इस भुतहा गाँव का इतिहास? | Kuldhara village history

kuldhara ghost village

यह शापित कुलधरा गाँव (Kuldhara Gaon) राजस्थान के जैसलमेर से लगभग 18 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। जैसलमेर के इस इलाके में पालीवाल ब्राम्हणों के कुल 84 गाँव थे। इन्हीं 84 गावों में से एक गाँव कुलधरा (Kuldhara Village) था।

उस समय कुलधरा गाँव में 600 घर थे जिसे पालीवाल ब्राम्हणों की एक शाखा ने 1291 में बसाया था। अमीर और परिश्रमी पालीवाल ब्राम्हणों का यह गाँव वैज्ञानिक आधार पर निर्मित था। पालीवाल लोग बड़े ही परिश्रमी और इज्जतदार लोग थे। उन लोगों का अपनी इज्जत के लिए कुछ भी कर गुजरने की महानता ही उस गाँव की मनहूसी का कारण बना।

कुलधरा गाँव के पालीवाल ब्राम्हणों के त्याग और महानता के बारे में जानकर आप उन महान आत्माओं को एक बार जरुर प्रणाम करेंगे।

कुलधरा गाँव की वो मनहूस घटना क्या है? | Ghost story of kuldhara gaon

paliwal bramhan of kul dhara

खुशहाल पालीवाल ब्राम्हणों की एक बहुत ही खुबसुरत लड़की थी जिसपर उस रियासत के दीवान सालम सिंह की बुरी नजर थी। दुष्ट दीवान उस लड़की की खूबसूरती का इतना दीवाना हो गया था कि वह किसी भी हाल में उसे हासिल कर लेना चाहता था। 

जब उस लड़की को हथियाने की दीवान की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं तब उसने गाँव वालों को धमकाना शुरू कर दिया। उसने गाँव वालों को धमकी दी कि अगली पूर्णमासी की रात से पहले उसे उस सुंदरी को सौंप दें वरना इसका अंजाम बहुत ही बुरा होगा। वह अपने सिपाहियों के साथ आकर उस सुंदरी को उठा ले जायेगा और इस गाँव को भी तहस-नहस कर देगा।

कुलधरा (Kul dhara) के लिए यह बहुत ही विकट स्थिति हो चुकी थी। उनके सामने सिर्फ दो ही रास्ते बचे थे, वे अपनी बेटी को उस दुष्ट के हवाले कर दें या फिर वे सभी अपना गाँव हमेशा-हमेशा के लिए छोड़कर कहीं अन्यत्र चले जाएँ।

किसी एक निर्णय पर सहमति के लिए कुलधरा और उसके पड़ोसी सभी 84 गावों के पालीवाल ब्राम्हण लोग एक मंदिर में इकठ्ठा हुए। फिर उन सभी ने निश्चय किया कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन हम अपनी बेटी उस दुष्ट दीवान को नहीं सौंपेंगे।

फिर क्या था, सभी 84 गांवो के लोग रातों रात कहाँ चले गए, यह किसी को पता नहीं चला। उन सभी का रातों रात गायब होना एक अनसुलझा रहस्य बनकर रह गया है। जाते-जाते वे लोग इस गाँव को यह श्राप दे गए कि इस गाँव में जो भी बसने की कोशिश करेगा वह बरबाद हो जायेगा। उन दुखी आत्माओं का वह श्राप आज भी इस गाँव का पीछा नहीं छोड़ा है।

आज कुलधरा गाँव (Kuldhara haunted Village) एक शापित और भुतिया गाँव Ghost village) के रूप में विख्यात हो चूका है।

क्या कुलधरा गाँव के नीचे सोने दबे हुए हैं?

कहा जाता है कि कुलधरा के लोग जब गाँव छोड़कर जब गए थे तब वे जमीन के अंदर अपने सोने चांदी के आभूषण और मोहरें छुपा गए थे। आज जो भी पर्यटक वहां घुमने जाते हैं वे सभी जमीन को खोदकर उन सोने की मोहरों और आभूषणों को ढूँढने का प्रयास करते हैं। इसीलिए Kuldhra Ghost village में जगह-जगह पर छोटे बड़े  गड्ढे खुदे हुए मिलते हैं।

कुलधरा गाँव के बारे में आज के विज्ञान की धारणा क्या है?

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दिल्ली में एक पेरानार्मल सोसायटी है जिसका काम घूम घूमकर भुत-प्रेत और आत्माओं के अस्तित्व की प्रमाणिकता के बारे में जांच-पड़ताल करना है। पेरानार्मल सोसायटी के लोग 4 मई 2013 की एक रात यहीं कुलधरा गाँव में बिताई थी।

पेरानार्मल सोसायटी के लोगों ने बताया कि इस कुलधरा गाँव (Kuldhara Village) में जरुर कुछ असामान्य है। रात में उन लोगों को लगा कि किसी ने उनके कन्धों पर हाथ रखा है लेकिन जब मुड़कर देखते तो वहां कोई नहीं था।

उनलोगों के पास घोस्ट बॉक्स नामक एक उपकरण था जिसमें कुछ विचित्र और डरावनी आवाजें रिकॉर्ड हुईं थीं। सुबह में जब वे लोग अपनी गाड़ी के पास गये तो गाड़ी के शीशे और बॉडी पर छोटे-छोटे बच्चों के उँगलियों के निशान बने थे जबकि वहां दूर-दूर तक बच्चों के होने का कोई सवाल ही नहीं था।

कुलधरा (Kul dhara) घुमने का सही समय क्या है?

kuldhara gaon

अगर आप कभी कुलधरा घुमने का प्रोग्राम बनाते हैं तो इसके लिए उत्तम समय अक्टूबर से मार्च के बीच रहेगा। यहाँ आप हफ्ते के किसी भी दिन सुबह के 8 बजे से शाम के 6 बजे तक घूम सकते हैं।

यह गाँव राजस्थान (kuldhara Rajsthan) के रेगिस्तानी इलाके में पड़ता है। इन महीनों में सूरज की तेज धुप से बचकर कुलधरा गाँव (Kuldhara Village) घुमने का भरपूर आनंद ले सकते हैं।

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