Panchtantra kahaniyan

एक समय की बात है। एक बहुत ही सुंदर तालाब में कम्बुग्रीव नाम का कछुआ रहता था। उसी तालाब में दो हंसों का जोड़ा तैरने के लिए आता था। दोनों हंस बहुत ही दयालु और मिलनसार स्वभाव के थे। कुछ दिनों बाद ही कछुए और दोनों हंसों में गहरी दोस्ती हो गई।

हंस बहुत ज्ञानी थे और वे कछुए को बहुत अच्छी अच्छी कहानियां सुनाया करते थे। लेकिन कछुआ बहुत ही बातूनी था। वह बीच-बीच में टोका-टाकी करता रहता था….Continue Reading

Short stories of panchatantra

इस पंचतंत्र की भूखे शेर और सीधे-साधे ऊंट की कहानी को पढ़ने से हमें यह पता चलेगा कि धूर्तों के साथ रहने पर हमेशा सावधान क्यों रहना चाहिए? क्यों विवेकहीन और मुर्ख स्वामी के संपर्क में नहीं रहने चाहिए?Continue Reading

Panchtantra ki Kahaniya in Hindi

एक समय की बात है। एक राजा के शयनकक्ष में बिस्तर के अंदर एक जूँ रहती थी। राजा जब रात को अपने बिस्तर में सोने जाता तब वह जूँ अपने स्थान से चुपचाप बाहर निकल कर राजा का खून चुस्ती और फिर अपने स्थान पर जा छिपती थी।
एक दिन की बात है। एक खटमल किसी तरह राजा के शयनकक्ष में पहुंच गया। जब जूँ  ने खटमल को वहां देखा तो वह उसे वहां से चले जाने के लिए कहा। क्योंकि वह अपने अलावा और किसी को राजा का खून चूसने नहीं देना चाहती थी। क्योंकि ऐसा करने देने में उसकी जान को खतरा था।Continue Reading