नार्थ सेंटिनल आइलैंड एक ऐसा भारतीय टापू है जहाँ के निवासी आज भी पाषाण काल में जी रहे हैं। आज से हजारों साल पहले हम मनुष्यों के पूर्वज जिस तरह से नंगे बदन जंगल में रहते थे और सिर्फ जानवरों का शिकार करके अपना पेट पलते थे, ठीक वैसी ही जिंदगी नार्थ सेंटिनल आइलैंड के लोग आज भी जीते हैं। उनलोगों को अभी तक आग के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है और वे लोग…

उत्तरी सेंटिनल द्वीप कहाँ है और इस द्वीप के रोचक तथ्य क्या हैं? आज ऐसे ही North Sentinel Island से जुड़े सभी सवालों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

North Sentinel Island एक ऐसा भारतीय टापू है जहाँ के निवासी आज भी पाषाण काल में जी रहे हैं। जी हाँ, आपने बिलकुल सही पढ़ा। आज से हजारों साल पहले हम मनुष्यों के पूर्वज जिस तरह से नंगे बदन जंगल में रहते थे और सिर्फ जानवरों का शिकार करके अपना पेट पालते थे, ठीक वैसी ही जिंदगी नार्थ सेंटिनल आइलैंड (North Sentinel Island) के लोग आज भी जीते हैं।

North Sentinel Island के निवासी अभी तक इतने पिछड़े हैं कि उनलोगों को अभी तक खेती करके फसल उगाने के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है। उनके आदि मानव होने की पुष्टि आप इसी बात से कर सकते हैं कि उनलोगों को अभी तक भगवान के अस्तित्व के बारे में भी कोई ज्ञान नहीं है।

नार्थ सेंटिनल आइलैंड के निवासियों के बारे में ऐसी ही बहुत सारी जानकारी आगे आपको मिलेगी।

North Sentinel Island के लोगों के बारे में कुछ रोचक तथ्य 

facts of north sentinel island

01. नार्थ सेंटिनल आइलैंड का क्षेत्रफल महज 23 वर्ग मील है। यहाँ के निवासियों को सेंटीनली बोला जाता है। सेंटीनली लोगों की कुल जनसंख्या लगभग 100 है।

02. इस द्वीप पर लगभग 60 हजार साल से इंसान रह रहे हैं। लेकिन आज भी वो ठीक वैसी ही जिंदगी जी रहे हैं जैसी जिंदगी आज से साठ हजार साल पहले उनके पूर्वज जिया करते थे।

03. सेंटीनली लोग बाहरी दुनियाँ के लोगों से सख्त नफरत करते हैं। ये उनसे मिलना-जुलना बिलकुल ही पसंद नहीं करते हैं। इसीलिए अगर कोई वहां जाना चाहे तो वो सभी उसपर तीरों से हमला बोल देते हैं और उसे मार डालते हैं।

04. बाहरी दुनियाँ के लोगों को इनकी बोली, खान-पान और संस्कृति के बारे में जानकारी नहीं के बराबर है।

05. यद्यपि नार्थ सेंटिनल आइलैंड भारत सरकार के अधीन है फिर भी यहाँ के सेंटीनली लोगों को यह भी पता नहीं है कि भारत क्या है? भारत के लोग कैसे हैं? इनके लिए North Sentinel Island ही पूरी दुनिया है।

06. नार्थ सेंटिनली लोग अपना पेट पालने के लिए तीर से मछली का शिकार करते हैं। ये लोग अभी तक तीर-धनुष वाले युग में ही जी रहे हैं। आज बाहरी दुनिया के लोग चाँद पे पहुँच चुके हैं लेकिन ये लोग अभी भी आदम जमाने के युग से बाहर नहीं आ पाए हैं।

07. ये सेंटिनली लोग आज भी उस आदम युग में जी रहे हैं जब हमारे पूर्वजों को आग और खेती के बारे में कोई ज्ञान नहीं था। यानि कि इन सेंटिनली आदिवासियों को अभी तक आग और खेती के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है

08. ये लोग अभी भी नंगे बदन रहते हैं। इनको तन ढंकने के बारे में भी कोई ज्ञान नहीं है।

09. दिमाग और चेतना के रूप में ये लोग आज भी इतने ज्यादे पिछड़े हुए हैं कि अभी तक इनलोगों को ईश्वर या भगवान के अस्तित्व के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।

10. ये लोग प्रकृति के बिलकुल ही शुद्ध वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। वहां प्रदुषण का दूर-दूर तक कोई नामोनिशान नहीं है। जिसकी वजह से इनके शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कमजोर हो गई है। एक बार ये लोग बाहरी लोगों के संपर्क में आए थे तब ये लोग उनसे इन्फेक्टेड होकर बीमार पड़ गए थे। उनमें से कुछ लोगों की मृत्यु भी हो गई थी। उनके आक्रामक स्वभाव के साथ-साथ उनकी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से भी भारत सरकार ने इस द्वीप पर किसी को जाने की मनाही कर दी है।

11. इस समूची पृथ्वी पर यही एक ऐसा इकलौता स्थान है जहाँ के सेंटिनली जनजाति के लोग अभी भी हजारों साल पहले की आदम युग में जी रहे हैं। इनके लिए 23 वर्ग मिल का यह छोटा सा द्वीप ही पूरी पृथ्वी है। इनकी इन्हीं सब विशेषताओं ने इस द्वीप को सबसे खतरनाक और पुरानी मानव सभ्यता का संरक्षक बना दिया है।

कहाँ है North Sentinel Island?

north sentinal island

North Sentinel Island बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान-निकोबार का एक छोटा सा द्वीप है। अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर से इसकी दूरी लगभग 50 किलोमीटर है। यह द्वीप भारत का एक हिस्सा है।

नार्थ सेंटिनल आइलैंड का कुल क्षेत्रफल महज 23 वर्ग मिल है। इस आइलैंड को सबसे पहले मार्को पोलो ने 13 वीं शताब्दी में खोजा था। उस समय उसने बताया था कि इस जनजाति के लोग अपने लोगों को छोड़कर बाहरी दुनियाँ के किसी दुसरे लोगों को मारकर खा जाते हैं।

कब चर्चा में आए थे North Sentinel Island के आदिवासी 

नवम्बर 2018 में एक अमिरीकी टूरिस्ट जॉन एलेन चाउ इस नार्थ सेंटिनल आइलैंड पे कुछ मछुआरों के सहयोग से गया था। सेंटिनली लोगों से उसपर तीरों से हमला बोल कर उसे मार डाला। बाद में भारतीय नेवी ने उन सभी मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया था। उस समय यह सेंटिनल द्वीप बहुत चर्चा में आया था।

नार्थ सेंटिनल आइलैंड के निवासी क्यों इतने पिछड़े हैं?

यह आइलैंड बाहरी दुनियाँ से बिलकुल कटा हुआ है। इस टापू पर बाहरी दुनियाँ का कोई भी आदमी नहीं जा सकता है। ऐसा करने पर सेंटीनली लोग उसपर तीरों से हमला कर उसे मार डालते हैं।

भारत सरकार ने सन 1956 में नार्थ सेंटिनली जनजाति को बचाने के लिए एक कानून बनाया है। इस कानून के तहत इस द्वीप के चारों तरफ से 10 किलोमीटर दूर की एरिया में किसी के भी जाने की मनाही है। इस सीमा की रक्षा भारतीय नेवी करती है।

एक बार सन 1974 में नेशनल जियोग्राफीक टीम के कुछ लोग डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए भारत सरकार से इजाजत लेकर इस द्वीप पर पानी के जहाज से गए थे। उन्हें देखते ही नार्थ सेंटीनली लोगों ने उन सभी पर तीरों से हमला बोल दिया। एक तीर डायरेक्टर के पैर में लगा और इसके बाद सभी लोगों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

जब इन सेंटिनली आदिवासियों का बाहर के समाज से कुछ नाता ही नहीं है तब फिर ये आज के समय के साथ कैसे चल सकते हैं। इसीलिए ये आज भी वही जिंदगी जी रहे हैं जो पाषाण काल के हमारे पूर्वज जिया करते थे।

हमारे लिए ये दुनियाँ इतनी विकशित हो गई है लेकिन इनके लिए तो समय अभी भी साठ हजार साल पहले वाला ही है।

भारत सरकार इन सेंटिनली लोगों के लिए क्यों नहीं कुछ कर रही है?

शुरू में भारत सरकार ने इन सेंटिनली लोगों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए बहुत प्रयास किया था। सरकार इन्हें शिक्षित करना चाह रही थी। लेकिन उन्हें समाज के मुख्य धारा में जोड़ने के लिए जब कभी भी कोई भारतीय कर्मचारी इनके द्वीप पे जाने का प्रयास करता था तब ये लोग उनपर जानलेवा हमला बोल देते थे।

अंत में थक-हारकर भारत सरकार ने सन 1997 के बाद से उन्हें उन्हीं के हाल पे छोड़ दिया।

सन 2004 में बंगाल की खाड़ी में बहुत बड़ी सुनामी आई थी जिसमें बहुत अधिक जान माल की क्षति हुई थी। तब इन सेंटिनली लोगों के बारे में जानकारी लेने के लिए इंडियन एयरफोर्स का हेलीकाप्टर इनके उपर से उड़ान भर रहा था। तब इन लोगों ने उड़ रहे हेलीकाप्टर पर तीर और भालों से हमला बोल दिया था। इसके बाद यह पता चला कि ये लोग अभी भी सुरक्षित हैं।

उस समय इडियन एयरफोर्स के जवान हेलीकाप्टर से ही हमला कर रहे उन सेंटिनली लोगों की तस्वीरें खिंची थीं।

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