रोमन साम्राज्य का हिस्सा रहे प्राचीन शहर पोम्पई (Pompeii) की जब खुदाई की गई तब उसके नीचे से इंसानों और जानवरों की अनगिनत पत्थर की मूर्तियाँ मिलीं। तब यह एक बहुत बड़ा रहस्य था कि इतनी भारी संख्या में इंसानों और जानवरों की पत्थर की मूर्ति बनाने के पीछे क्या कारण रहा होगा। इनमें औरतों और छोटे-बड़े बच्चों की मुर्तिया भी हैं जिनमे वे लेते हुए या बैठे हुए हैं। इन पत्थर की मूर्तियों के दिमाग वाले हिस्से में सीसे भरे हुए थे।

Here we will know about pompeii volcano, where people were died by erruption of a volcano and become stone statue after thousands year. 

ये प्रकृति आज भी अपने अंदर इतने रहस्यों को समेटी हुई है जिनके बारे में सुनकर पैरों तले जमीन खिसक जाती है। इनमें से कुछ रहस्यों से पर्दा हट चूका है तो कुछ अभी भी एक अनसुलझा रहस्य ही हैं।

आज हम एक दुनियां के एक ऐसे ही रहस्य के बारे में जानेंगे जिसका रहस्य पता किया जा चूका है।

क्या है रहस्य? 

रोमन साम्राज्य का हिस्सा रहे प्राचीन शहर पोम्पई (Pompeii) की जब खुदाई की गई तब उसके नीचे से इंसानों और जानवरों की अनगिनत पत्थर की मूर्तियाँ मिलीं। तब यह एक बहुत बड़ा रहस्य था कि इतनी भारी संख्या में इंसानों और जानवरों की पत्थर की मूर्ति बनाने के पीछे क्या कारण रहा होगा। इनमें औरतों और छोटे-बड़े बच्चों की मुर्तिया भी हैं जिनमे वे लेते हुए या बैठे हुए हैं। इन पत्थर की मूर्तियों के दिमाग वाले हिस्से में सीसा था।

pompeii volcano people become stone

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इतनी सारी पत्थर की मूर्तियों को देखकर वैज्ञानिकों का माथा ठनका और उन्होंने इस पर तहकीकात करनी शुरू कर दी। उनका मेहनत रंग लाया और इस राज से पर्दा हट गया। वैज्ञानिकों के तहकीकात से इन पत्थर की मूर्तियों के पीछे छिपे एक बहुत ही भयानक सच का पता चला। 

Secrets of pompeii volcano

इटली में 79 ईस्वी से पहले पोम्पई ना का एक आम शहर था। यह रोमन शहर 79 ईस्वी में माउंट वेसुवियस ज्वालामुखी फटने से नष्ट हो गया था। उस समय Pompeii शहर की कुल जनसंख्या लगभग 15 हजार से 20 हजार के करीब रही होगी।

2010 में प्रकाशीत एक रिपोर्ट से यह ज्ञात हुआ कि उस शहर में मौजूद सभी इंसानों और जानवरों की मौत का मुख्य कारण ज्वालामुखी के फटने से उत्पन्न हुई गर्मी थी। उस समय Pompeii शहर का तापमान 250 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादे था। इतने तापमान पर तो कढ़ाई में रखा तेल भी खौलने लगता है।

इतनी तेज गर्मी में सभी लोगों की दर्दनाक मौत पलभर में ही हो गई होगी। फिर ज्वालामुखी से उत्पन्न राख से यह शहर पूरी तरह से ढँक कर जमींदोज हो गया।

हजारों साल जमीन के अंदर पड़े-पड़े सभी लोगों की लाशें चट्टान के रूप में परिवर्तित हो गईं जो आज पत्थर की मूर्ति के रूप में दिखती हैं। जवालामुखी की राख के प्रभाव में आने से इंसानों का दिमाग सीसा में परिवर्तित हो गया, जो इस दुखद घटना का दूसरा आश्चर्य जनक पहलु है।

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