prasang

स्वामी विवेकानंद के जीवन में घटित इस सच्चे प्रसंग के बारे में जानकर आप किसी भी समस्या से डरने की बजाय उससे डटना शुरू कर देंगे।
एक समय की बात है, स्वामी विवेकानंद जी उत्तर प्रदेश के बनारस शहर में स्थित माँ दुर्गा के मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन करने के उपरान्त वे हाथों में मंदिर का प्रसाद लिए माँ दुर्गा के मंदिर से बाहर निकल रहे थे। तभी अचानक से…Continue Reading

Acchi baat

मृत्यु से पहले जब सिकंदर अपनी आखिरी साँसें गिन रहा था तब वह अपने गृह नगर से बहुत दूर था। वह मृत्यु से पहले अपनी माँ को देखना चाह रहा था। उसके गृह नगर तक पहुँचने के लिए कम से कम 24 घंटे का समय लगता और उसके पास इतना समय था नहीं।
उसने अपने राज चिकित्सक से कहा, तुम मेरा आधा साम्राज्य ले लो, लेकिन मुझे 24 घंटे की और जिंदगी दे दो, ताकि मैं अपनी माँ से मिल सकूँ। राज चिकित्सक यह भली भाँती जानता था कि…Continue Reading

Shivaji maharaj story

शिवाजी महाराज के बारे में यह प्रेरक प्रसंग (Shivaji maharaj story) तब का है जब वे अपने युद्ध के शुरुआती दिनों में मुगलों से लोहा ले रहे थे।
एक बार अपने संघर्ष के दिनों में शिवाजी बहुत थके हारे हालत में जंगल से गुजर रहे थे। भूख के मारे उनकी हालत ख़राब हुए जा रही थी। थोड़ी दुरी पर उन्हें एक बुढ़िया की झोपड़ी दिखाई दी तो भोजन की आस में वे वहां चले गए…Continue Reading

प्रेरक प्रसंग

जीवन में आए आकस्मिक विपदा से अनायास ही विचलित होकर हमें अपने आधे-अधूरे काम को बीच में ही छोड़ने को विवश हो जाना पड़ता है। उस समय महापुरुषों के जीवन में घटित ये प्रेरणादायक प्रसंग हमारे लिए बहुत ही सार्थक और उत्साहवर्धक साबित होते हैं। जीवन के भटके हुए राहों में ये हमारे लिए पथ-प्रदर्शक का काम करते हैं। इसलिए इन्हें पढ़ना और जानना हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है…Continue Reading

अच्छी बात

एक बार एक सेठ ने भगवान बुद्ध से पूछा, भगवन, मैं प्रतिदिन आपके प्रवचन सुनने के लिए इतनी दूर से आता हूँ, लेकिन मुझे अभी तक शांति नहीं मिली। मेरा मन पहले से भी ज्यादा अशांत हो गया है। कृपा कर मेरा मार्ग-दर्शन करें।
भगवान बुद्ध ने उस सेठ को गौर से देखा, और फिर पूछा:- तुम कहाँ के रहने वाले हो?
सेठ बोला:- जी, मैं श्रावस्ती का रहनेवाला एक सेठ हूँ, और आपके बारे में बहुत चर्चा सुनने के बाद शांति की खोज में आपके प्रवचन सुनने प्रतिदिन यहाँ आता हूँ।Continue Reading